बीजापुर, फरवरी 18 -- त्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन 202 के जवानों ने संयुक्त अभियान के तहत थाना गंगालूर क्षेत्र के पेद्दाजोजेर के जंगल में माओवादियों द्वारा निर्मित एक भव्य स्मारक को ध्वस्त किया गया है।
सीआरपीएफ से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, एरिया डोमिनेशन के दौरान सुरक्षा बलों की टीम पेद्दाजोजेर के घने जंगलों में पहुंची, जहां माओवादियों ने लगभग सात फीट ऊंचा एक अवैध स्मारक बनाया था। यह स्मारक क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखने और ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा करने के लिए बनाया गया था। जवानों ने मौके पर मौजूद इस स्मारक को तत्काल ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से माओवादियों को बड़ा झटका लगा है और क्षेत्र में सुरक्षा बलों का दबदबा बढ़ा है।
वहीं, एक अन्य अभियान में थाना भोपालपटनम् क्षेत्र के कोण्डापड़गु के जंगल में केरिपु 214 की टीम को बड़ी सफलता मिली। डिमाईनिंग यानी बारूदी सुरंगों की तलाश के दौरान टीम को माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए दो आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद हुए। ये आईईडी बीयर की बोतलों में छिपाए गए थे और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए रास्ते पर लगाए गए थे।
इन विस्फोटकों की भनक लगते ही केरिपु 214 की बीडीडी (बम डिस्पोजल डिटेचमेंट) टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने आसपास के इलाके को पूरी तरह से खाली कराकर सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए दोनों आईईडी को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस सूझबूझ भरी कार्रवाई से किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सका और जवानों की जान बचाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवाद के पूर्ण उन्मूलन तथा क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास की स्थापना के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी है। इसी के तहत सुरक्षा बल उन सभी प्रतीकात्मक ढांचों, हिंसा के चिन्हों तथा भय का वातावरण उत्पन्न करने वाले अवशेषों को क्रमबद्ध रूप से समाप्त कर रहे हैं, जिनका उपयोग माओवादी अपने प्रचार और कथित वर्चस्व को प्रदर्शित करने के लिए करते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित