मांड्या , अक्टूबर 30 -- कर्नाटक में गन्ना किसानों ने गन्ने का मूल्य 5,500 रुपये प्रति टन तय करने की मांग और गोदाम में रखी चीनी की बिक्री का विरोध करते हुए यहां बने मायसुगर चीनी गोदाम का घेराव किया।
कर्नाटक राज्य रैथा संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता चुक्की नंजुंदास्वामी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने में विफल रहने पर केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
तनाव उस समय बढ़ गया जब मायसुगर प्रशासनिक बोर्ड ने शुरू में प्रदर्शनकारियों को गोदाम परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया और मिल का मुख्य द्वार बंद कर दिया। इससे उत्तेजित किसानों ने मुख्य द्वार लांघकर परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर उन्हें रोक दिया।
स्थिति के बिगड़ने पर मिल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। बाद में अधिकारियों ने मुख्य द्वार खोल दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी अंदर दाखिल हुए और चीनी गोदाम के पास एकत्र हो गए। किसानों ने गोदाम का घेराव करते हुए चेतावनी दी कि जब तक गन्ने के मूल्य को 5,500 रुपये प्रति टन तय करने की उनकी मांग पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक चीनी की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
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