नयी दिल्ली , जुलाई 27 -- केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोमवार को अपने आवास पर ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की हेवीवेट कैटेगरी में 190 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाकर करके कांस्य पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को 10 लाख रूपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस अवसर पर आज यहां झंडू ने डॉ मांडविया के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "आज केंद्रीय खेल मंत्री से मिलकर मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ। अपनी जिंदगी में कितने लोगों को केंद्रीय मंत्री से मिलने का मौका मिलता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि खेल में अपनी उपलब्धि के लिए मुझे सम्मानित किया जाएगा। डॉ. मांडविया ने मुझसे स्कॉटलैंड में मेरे अनुभव के बारे में पूछा। उनसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा।"जून 2023 में मुख्य पैरा कोच राजेंद्र रहेलू द्वारा साई एनसीआई गांधीनगर में अभ्यास के लिए चुने जाने से पहले, झंडू नालंदा के हरनौत कस्बे में अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए सब्ज़ियां बेचते थे और ई-रिक्शा भी चलाते थे।
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनकी उपलब्धि के बारे में पोस्ट किया, तो उन्हें बहुत रोमांच महसूस हुआ। 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, " पदक जीतने के बाद से उत्साह और जोश के कारण मैं ठीक से सो नहीं पाया हूं। मेरा फोन लगातार बज रहा है। जब हमारे प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर मेरे बारे में लिखा, तो मैं भावुक हो गया। मुझे लगता है कि भारतीय खेल इस स्तर पर इसलिए पहुंचे हैं क्योंकि वे एथलीटों का लगातार हौसला बढ़ाते हैं और उनका समर्थन करते हैं। मुझे लगता है कि मैं एकमात्र राष्ट्रमंडल खेलों का पदक विजेता हूं जिसे अपने देश के प्रधानमंत्री से प्रोत्साहन मिला है।"ग्लासगो में मिली कामयाबी से पहले, इस पावरलिफ्टर ने खेलो इंडिया पैरा गेम्स के 2024 और 2025 एडिशन में लगातार रजत और स्वर्ण पदक जीते थे। खेलो इंडिया के इस एथलीट की नजर अब जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर, 2026 तक होने वाले एशियन पैरा गेम्स पर है।
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