तेहरान , नवंबर 02 -- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि यदि अमेरिका ईरान की 'वैध' मांगें पूरी करता है, तो दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना संभव होगा।

श्री बघाई ने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मध्यस्थों के जरिए ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी अप्रत्यक्ष बातचीत का आधार सितंबर में तेहरान की ओर से प्रस्तावित सात दिवसीय योजना है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी सद्भावना के तहत इस योजना को लागू करने की अवधि घटाकर दो दिन कर दी है।

उन्होंने कहा, " हमने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान की मांगें पूरी होती हैं, तो कम समय में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा बहाल करने और बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने की संभावना होगी।"उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका आगे की प्रक्रिया को लेकर क्या निर्णय लेता है।श्री बघाई ने कहा कि ईरान ने अपनी मांगें 'स्पष्ट, उचित और तार्किक' तरीके से रखी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त नहीं करता और तेहरान की 'वैध' मांगों पर ध्यान नहीं देता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को न तो फिर से खोला जाएगा और न ही उसकी सुरक्षा बहाल की जाएगी।

ईरान ने युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की शर्तों वाली सात दिवसीय योजना 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को सौंपी थी। इसके बाद से तेहरान और वाशिंगटन के बीच इस प्रस्ताव को लेकर संदेशों का आदान-प्रदान जारी रहने की खबरें हैं।

इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को तेहरान तथा ईरान के अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से इजरायल तथा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाते हुए कई हमले किए औरहोर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

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