पटना, जून 16 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को घोषणा की कि देश के प्राचीनतम शक्तिपीठों में शामिल माँ मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां हेलीपैड और रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री चौधरी आज कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत पहाड़िया पंचायत स्थित माँ मुंडेश्वरी धाम धर्मशाला के समीप आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर विभिन्न विभागों की 196.06 करोड़ रुपये लागत की 60 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 162.69 करोड़ रुपये की लागत से 20 योजनाओं का शिलान्यास तथा 33.36 करोड़ रुपये की लागत से 40 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। उन्होंने सहयोग शिविर कार्यक्रम से संबंधित आवेदकों के प्राप्त आवेदनों का निष्पादन पत्र/लाभ वितरण जमीन बंदोबस्ती प्रमाण पत्र, पी०एम० सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, अंतर्राजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना आदि की स्वीकृत राशि का सांकेतिक चेक एवं प्रमाण पत्र लाभुकों को प्रदान किया।

श्री चौधरी ने कहा कि सासाराम माँ ताराचंडी और कैमूर माँ मुंडेश्वरी भवानी से जुड़ा हुआ पवित्र स्थल है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में हेलीपैड विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु एवं पर्यटक आसानी से यहां आवागमन कर सकें। उन्होंने कहा कि माँ मुंडेश्वरी भवानी मंदिर का जीर्णोद्धार काफी समय से नहीं हुआ है। माँ मुंडेश्वरी भवानी मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा साथ ही श्रद्धालुबों की सुविधा के लिये यहां रोप-वे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद रोप-वे निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में जंगल सफारी और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार बिहार के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।

श्री चौधरी सहयोग शिविर कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि 19 मई से शुरू इस अभियान के तहत अब तक राज्यभर से तीन लाख तीन हजार 678 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से दो लाख 61 हजार 628 आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आवेदन के निष्पादन में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नोटिस और निलंबन तक की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में उच्च शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिन 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां जुलाई से पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी है। साथ ही सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार हर परिवार को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए काम कर रही है। घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना के तहत लोगों को 25 वर्षों तक निर्बाध और निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

सहयोग शिविर कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पंचायती राज विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर आवेदकों के प्राप्त किये जा रहे आवेदनों का मुख्यमंत्री ने जायजा लिया। जायजा के क्रम में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कैमूर जिले में अब तक सहयोग पोर्टल एवं सहयोग शिविर कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त हुए कुल आवेदन तथा उनका निष्पादन, लंबित एवं अस्वीकृत आवेदनों की संख्या आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं आवेदकों से आवेदन प्राप्त कर उनकी समस्याएं भी सुनीं तथा 30 दिनों के अंदर उनके आवेदन निष्पादित होने का भरोसा दिया।

कार्यक्रम को उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने भी संबोधित किया।इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने माँ मुंडेश्वरी भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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