महोबा , अप्रैल 28 -- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पर लगाए गए अश्लील आरोपों को लेकर उठा विवाद मंगलवार को समाप्त हो गया। प्रदेश नेतृत्व द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में कथित युवती और जिलाध्यक्ष के बीच समझौता करा दिया गया तथा युवती का भाजपा से निष्कासन भी रद्द कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि महोबा मुख्यालय के सुभाष नगर निवासी एक युवती ने भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए थे। युवती का आरोप था कि संगठन में वर्षों से सक्रिय रहने के बावजूद इस बार जिला उपाध्यक्ष पद पर उसकी दावेदारी को नजरअंदाज किया गया।

उसने आरोप लगाया था कि संगठन विस्तार में उसे जानबूझकर उपेक्षित किया गया और बाद में विवाद खड़ा कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। युवती ने यह भी आरोप लगाया था कि जिलाध्यक्ष ने उपाध्यक्ष पद दिलाने के बदले अनुचित प्रस्ताव दिया था तथा विरोध करने पर उसके पति को झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी।

यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा की काफी किरकिरी हुई और मामला देश-विदेश की मीडिया में भी चर्चा का विषय बना। इसके बाद भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित करते हुए तीन दिनों में रिपोर्ट तलब की थी।

जांच समिति की सदस्य प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष कमलावती सिंह और क्षेत्रीय महामंत्री संत विलाश शिवहरे मंगलवार को महोबा पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से वार्ता की और आरोप लगाने वाली महिला तथा जिलाध्यक्ष के बीच विवाद समाप्त कराते हुए समझौता करा दिया।

कमलावती सिंह ने बताया कि पार्टी संगठन के भीतर की बातें बाहर आने को लेकर दोनों पक्षों को समझाया गया है। युवती का निष्कासन रद्द कर दिया गया है और वह पहले की तरह भाजपा में सक्रिय रूप से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस को दी गई शिकायतों को भी समाप्त कराया जाएगा।

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