जयपुर , जून 11 -- राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान उच्च न्यायालय में शुक्रवार को अहम सुनवाई होगी। इस मामले में राज्य सरकार ने अदालत में जवाब पेश करते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि याचिकाकर्ता एक ही मामले में दो अलग-अलग मंचों पर समान राहत नहीं मांग सकता। राज्य सरकार का तर्क है कि महेश जोशी की गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर संबंधित अदालतों में पहले से कानूनी प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका विचारणीय नहीं है।
महेश जोशी पक्ष ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया को अवैध बताते हुए दावा किया है कि गिरफ्तारी के कारणों की समुचित जानकारी परिवार को नहीं दी गई और कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। याचिका में गिरफ्तारी, पुलिस हिरासत और उसके बाद की कार्रवाई को निरस्त करते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की गयी है।
गौरतलब है कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) से जुड़े कथित घोटाले के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। अब सभी की निगाहें उच्च न्यायालय की शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसे इस मामले में निर्णायक माना जा रहा है।
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