अलवर , मई 26 -- राजस्थान में अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र स्थित यातायात पुलिस थाने में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र ने महिला सुरक्षा की मिसाल पेश करते हुए असम की एक महिला को उसके पति के सुपुर्द करके उसे सुरक्षित रवाना किया।
महिला ने आरोप लगाया कि एक एजेंट ने उसे और उसके पति को काम दिलाने के नाम पर हैदराबाद भेजने की बात कही, लेकिन एजेंट उन्हें हैदराबाद न ले जाकर दिल्ली ले आया। दिल्ली में एजेंट ने दोनों पति पत्नी को अलग कर दिया।
पीड़िता ने बताया कि 18 मई को एजेंट उन्हें काम दिलाने के नाम पर असम से लेकर आया था। अलवर पहुंचने से पहले महिला के पति को दिल्ली में छोड़ दिया गया, जबकि महिला को अकेले अलवर ले आया। यहां उसे अलवर में एक परिवार को सुपुर्द कर दिया, जहां एक मकान में झाड़ू-पोंछा और घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया गया। महिला शुरू से ही काम करने की मनाही करती रही। महिला ने जब काम करने से मना किया तो उसे डराया-धमकाया गया और पुलिस कार्रवाई का भय दिखाया गया। उस पर चोरी का भी आरोप लगाया गया। पुलिस द्वारा पकड़ने की धमकी दी गयी।
डरी-सहमी महिला किसी तरह 21 मई को महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र पहुंची और पूरी आपबीती सुनाते हुए मदद की गुहार लगायी। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। महिला सुरक्षा केंद्र से जुड़े मोनु वर्मा ने बताया कि महिला की शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच प्रारंभ कर दी गयी है। साथ ही महिला के पति से संपर्क करके उसे अलवर बुलाया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित