भुवनेश्वर , जनवरी 15 -- ओडिशा के क्योंझर जिले की संतोषी देव महिला सशक्तीकरण की एक सशक्त मिसाल है। उनकी जीवन यात्रा दिखाती है कि कैसे दृढ़ संकल्प और संस्थागत सहयोग के बल पर जीवन की सारी कठिनाइयों के बावजूद एक मुकाम हासिल किया जा सकता है और अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बना जा सकता है।

हरियाणा में 16 वर्ष की आयु में विवाहित संतोषी को वर्षों तक दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा सहनी पड़ी। अंततः अपने पति द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद वह अपनी बेटी के साथ अपने मूल स्थान क्योंझर लौट आईं। यहाँ उन पर अपनी बेटी को सम्मान के साथ पालने की पूरी जिम्मेदारी थी। मुश्किल परिस्थितियों के आगे झुकने के बजाय उन्होंने साहस और संकल्प के साथ अपने भविष्य को फिर से संवारने का फैसला किया।

संतोषी ने चेन्नई की एक महिला ऑटो-रिक्शा चालक से प्रेरणा लेकर 2015 में क्योंझर में ऑटो-रिक्शा चलना शुरू कर दिया। उनके इस साहस भरे कदम ने समाज में गहरी पैठ बना चुकी लैंगिक धारणाओं को चुनौती दी, लेकिन उनके आत्मविश्वास और पेशेवर व्यवहार ने जल्द ही लोगों का सम्मान जीत लिया।

साल 2021 में उन्होंने भुवनेश्वर में ओडिशा की पहली महिला 'मो बस' चालक बनकर एक बार फिर इतिहास रचा, जिससे राज्य भर की अनगिनत महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में गैर-पारंपरिक करियर विकल्प चुनने की प्रेरणा मिली।

संतोषी ने रूढ़ियों को चुनौती देना और सपने देखना नहीं छोड़ा। उन्होंने भारी मशीनरी चलाने का प्रशिक्षण लिया और क्योंझर जिले के गुआली में त्रिवेणी प्राइवेट लिमिटेड के साथ 40-मीट्रिक टन का वोल्वो ट्रक चलाना शुरू कर दिया। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहाँ पारंपरिक रूप से पुरुषों का वर्चस्व रहा है, लेकिन उनके काम ने यह पुष्टि की कि कौशल, क्षमता और प्रतिबद्धता लिंग से परे हैं।

उनकी यात्रा असाधारण दृढ़ संकल्प की कहानी कहती है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत कानूनी लड़ाई में न्याय पाने और राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष अपनी बात रखने के लिए अपने ऑटो-रिक्शा से नयी दिल्ली तक लगभग 1,600 किलोमीटर की यात्रा की। बाद में उन्होंने राम मंदिर उद्घाटन में शामिल होने के लिए क्योंझर से अयोध्या तक एक और उल्लेखनीय यात्रा की, जिससे कई राज्यों में उनके धैर्य और जज्बे की सराहना हुई।

जनवरी 2026 में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनके प्रेरक जीवन की सराहना करते हुए उन्हें 'क्योंझर की बेटी' और ओडिया साहस, दृढ़ता एवं आत्मविश्वास का गौरवशाली प्रतीक बताया।

संतोषी देव ओडिशा सरकार के वाणिज्य एवं परिवहन विभाग की एक प्रमुख पहल 'आमा सुवाहक' योजना की भी लाभार्थी हैं। इस योजना का उद्देश्य परिवहन क्षेत्र में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना है। यह योजना 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करती है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अतिरिक्त सब्सिडी और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने के लिए व्यापक संस्थागत सहायता भी प्रदान करती है।

संतोषी आमा सुवाहक के सहयोग से आज एक चार पहिया वाहन की मालिक हैं और एक सफल महिला उद्यमी के रूप में उभर रही हैं।

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