नयी दिल्ली , अक्टूबर 11 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर महिला सम्मान के मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपनाने और दुष्कर्म के आरोपी सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को बचाने का आरोप लगाया है।

सुश्री स्वराज ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस श्री अकोइजम के खिलाफ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जेएनयू की समिति की जांच के बाद नौ अक्टूबर को श्री अकोइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया, लेकिन कांग्रेस पार्टी अब तक चुप्पी साधे हुए है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस से श्री अकोइजम को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि गत मई में इनर मणिपुर से लोकसभा सदस्य के खिलाफ एक-दो नहीं, बल्कि 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। जेएनयू ने इसकी जांच को लेकर एक आंतरिक समिति गठित की थी। मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने तमाम सबूतों, गवाहों और पीड़ित छात्राओं की गवाही सहित सभी तथ्यों की जांच करने के बाद श्री अकोइजम को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

सुश्री स्वराज ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में यह आरोप भी सामने आया है कि कांग्रेस सांसद देर रात तक अपने घर पर छात्राओं को बुलाकर उनका शैक्षणिक मूल्यांकन करते थे। एक मौखिक परीक्षा रात 11 बजकर 40 मिनट तक आयोजित किए जाने का भी आरोप है। इसके अलावा, कक्षा में यौन रूप से आपत्तिजनक आचरण के आरोप भी सामने आए हैं, जो बेहद गंभीर हैं।

उन्होंने सवाल किया कि अब तक कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और विशेषकर श्री गांधी चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरेगे, श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा और श्रीमती सोनिया गांधी ने भी इस मामले पर कुछ नहीं कहा है। संस्कृत में कहा जाता है, 'मौनं स्वीकृति लक्षणम्'। जब कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व चुप्पी साधे हुए है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं वह अपने इस यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद के आचरण को स्वीकार कर रहा है और उसे संरक्षण दे रहा है।

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