पटना , अप्रैल 19 -- ारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मंगल पांडेय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी) पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर टीएमसी ने महिलाओं के अधिकारों से विश्वासघात किया है, जिसे बंगाल की महिलाएं माफ नहीं करेंगी। श्री पांडेय ने आरोप लगाया कि बंगाल की सरकार महिला विरोधी है। यहां महिलाओं के साथ हिंसक घटनाएं एवं अत्याचार के मामले देशभर में सबसे अधिक हैं। बंगाल की ' सरकार' के खिलाफ राज्यभर में जन-आक्रोश है। अब बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए तैयार है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को टीएमसी और कांग्रेस ने पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण को नई दिशा मिलती, लेकिन ममता बनर्जी की महिला विरोधी मानसिकता ने उसे रोक दिया। 'बंगाल की महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण चाहती थीं और श्री मोदी ने इसे सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी को डर था कि यदि बंगाल की बेटियां बड़ी संख्या में विधायक और सांसद बन गईं, तो उनके 'महा जंगलराज' का अंत हो जाएगा। इसलिए टीएमसी और कांग्रेस ने मिलकर साजिश रची और महिलाओं को उनका हक मिलने से रोक दिया।

श्री पांडेय ने कहा कि श्री मोदी ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनगिनत कार्य किए हैं। यही कारण है कि देश के हर राज्य में बहनें और बेटियां भाजपा को सबसे अधिक आशीर्वाद देती हैं, लेकिन यहां बंगाल की बेटियों को सबसे ज्यादा प्रताड़ित किया गया है। विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की भूमिका बढ़ाने के लिए उन्हें राजनीति में लाना अनिवार्य है, लेकिन टीएमसी ने एक बार फिर बंगाल की बहनों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार असल में महिला हितैषी है, जबकि टीएमसी ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया है।

श्री पांडेय ने कहा कि श्री मोदी का सपना है कि बंगाल में 'भ्रष्टाचार' को समाप्त कर 'महिला सम्मान और अधिकार' पर केंद्रित विकसित राज्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बंगाल की करोड़ों महिला मतदाता बहनों का विश्वास मुख़्यमंत्री ममता ने खो दिया है। बंगाल में ममता बनर्जी की सफलता का सबसे बड़ा आधार महिला मतदाता ही रही हैं। तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों की स्वार्थपूर्ण राजनीति का दुष्प्रभाव देश की नारी शक्ति को झेलना पड़ा है।

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