भोपाल , जून 11 -- मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने कहा है कि सुधारगृह केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए। महिला बंदियों को सम्मानजनक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है।

श्रीमती यादव ने आज केंद्रीय जेल भोपाल के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक महिला को उसके अधिकारों, सम्मान और न्याय तक पहुंच प्राप्त हो।

निरीक्षण के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव एवं सदस्य साधना स्थापक ने महिला बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

आयोग की टीम ने महिला वार्ड, चिकित्सालय, रसोईघर, पुस्तकालय, सांस्कृतिक कक्ष, आर्ट एवं क्राफ्ट केंद्र तथा ब्यूटी पार्लर का निरीक्षण किया। सांस्कृतिक कक्ष में महिला बंदियों द्वारा संचालित ऑर्केस्ट्रा दल ने भजन प्रस्तुत किए, जिसकी आयोग की टीम ने सराहना की। श्रीमती यादव ने इसे सकारात्मक मानसिक विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में प्रभावी पहल बताया।

महिला बंदियों से संवाद के दौरान उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा पुनर्वास गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर आर्ट एवं क्राफ्ट केंद्र में तैयार विभिन्न उत्पादों का भी अवलोकन किया गया।

श्रीमती यादव ने महिला बंदियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में नई पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान राज्य महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर, केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक राकेश भांगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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