अलवर , अक्टूबर 18 -- राजस्थान में अलवर जिले के खेड़ली थाना क्षेत्र में दांतिया गांव में रविवार को एक महिला ने अपने दो बच्चों की हत्या करके खुद आत्महत्या कर ली।

थाना अधिकारी विजय चंदेल ने बताया कि आज सुबह करीब नौ बजे सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उच्च अधिकारियों को सूचित किया और जांच शुरू की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दांतिया गांव में सुबह ऊषा शर्मा (पत्नी अमित शर्मा) ने अपनी तीन वर्षीय बेटी नंदिका उर्फ लाडो को घर के बाहर खेलने जाने से मना किया था। इसके बाद ऊषा अपने पांच वर्षीय बेटे मुकुल और बेटी नंदिका को लेकर कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

कुछ देर बाद कमरे के अंदर से बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे।

जब ग्रामीणों ने दरवाजा धक्का देकर खोला, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। कमरे में ऊषा और उसके दोनों बच्चे लहूलुहान हालत में पड़े थे। आशंका जताई जा रही है कि महिला ने कथित तौर पर कैंची या धारदार हथियार से दोनों बच्चों पर वार कर दिया और फिर खुद को भी घायल कर लिया।

घटना के समय घर पर ऊषा की छोटी बहन मनीषा मौजूद थी। (ऊषा और मनीषा आपस में सगी बहनें हैं और दोनों की शादी एक ही घर में हुई है।) अपनी बड़ी बहन और मासूम बच्चों को लहूलुहान स्थिति में देखकर मनीषा बदहवास हो गई और रोते-बिलखते हुए दीवार एवं जमीन पर सिर पटकने लगी, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गई।

शुरु में दोनों बहनों के बीच झगड़े की बात भी सामने आ रही थी, लेकिन बाद में परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहनों के बीच किसी प्रकार का कोई झगड़ा नहीं हुआ था। मनीषा अपनी बहन और बच्चों को इस हालत में देखकर गहरा सदमा लगने और सिर पटकने के कारण घायल हुई थी।

ग्रामीणों की मदद से चारों घायलों को तुरंत खेड़ली के उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने मुकुल को मृत घोषित कर दिया। उपचार के दौरान मां ऊषा और बेटी नंदिका ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल छोटी बहन मनीषा को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार, ऊषा का पति अमित शर्मा गुजरात में एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि मनीषा का पति अंकित शर्मा जयपुर के निजी अस्पताल में नर्सिंगकर्मी है। घटना के समय ससुर बृजभूषण शर्मा गांव में चुनावी प्रचार में गए हुए थे, वहीं सास और ननद बच्चों को लेकर खेत पर गई हुई थीं।

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