धार , फरवरी 04 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में महिला पुलिस थाने की काउंसलिंग के माध्यम से पारिवारिक मामूली विवादों के कारण टूटने की कगार पर पहुंचे एक दंपत्ति के रिश्ते को जोड़ने में सफलता मिली है। महिला थाना पुलिस ने परिवार के महत्व को समझाते हुए पति-पत्नी के बीच सुलह कराई, जिसके बाद दोनों ने भविष्य में हंसी-खुशी साथ रहने का वचन दिया।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर और पारुल बेलापुरकर के मार्गदर्शन में डीएसपी आनंद तिवारी द्वारा महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई एवं पति-पत्नी के पारिवारिक विवादों में समझाइश के जरिए रिश्ते बचाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में महिला थाना प्रभारी को विशेष रूप से काउंसलिंग के माध्यम से मामलों के निराकरण के निर्देश प्राप्त थे।
महिला थाना धार में आवेदिका रेखाबाई (परिवर्तित नाम) द्वारा शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिकायत में बताया गया कि उसका विवाह सामाजिक रीति-रिवाज से करीब 10 वर्ष पूर्व हुआ था और उसके दो बच्चे हैं। आवेदिका ने आरोप लगाया कि बीते तीन वर्षों से पति एवं ससुराल पक्ष द्वारा छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद किया जाता था तथा पति शराब पीकर मारपीट करता था।
शिकायत को संज्ञान में लेते हुए महिला थाना प्रभारी ने जांच प्रधान आरक्षक रतनसिंह कटारे को सौंपी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। महिला पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर अलग-अलग तथा संयुक्त रूप से समझाइश दी। परिवार के महत्व और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए साथ रहकर जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित किया गया।
समझाइश के परिणामस्वरूप पति-पत्नी के बीच आपसी सुलह हो गई। दोनों ने अपनी-अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए एक-दूसरे से माफी मांगी और भविष्य में सौहार्दपूर्ण एवं खुशहाल जीवन बिताने का वचन दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक क्लेर डामोर, सहायक उप निरीक्षक रामसिंह गौर, प्रधान आरक्षक रतन कटारे, आरक्षक परसराम जाधव एवं आरक्षक राकेश देवल की विशेष भूमिका रही।
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