ऋषिकेश , जून 15 -- उत्तराखंड में ऋषिकेश के फूलचट्टी क्षेत्र में गंगा नदी में डूब रहे परिजन को बचाने के प्रयास में एक युवक खुद तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया। सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सघन खोज अभियान शुरू किया लेकिन अभी तक युवक का पता नहीं चल पाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी शैलेन्द्र महावी (30) अपने परिवार के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। सोमवार सुबह परिवार के कुछ सदस्य फूलचट्टी के समीप गंगा नदी में स्नान करने गये। बताया गया है कि यह क्षेत्र प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित घोषित किया गया है और यहां स्नान की अनुमति नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्नान के दौरान परिवार की सदस्य रेनू गुर्जर (33) अचानक गंगा के तेज बहाव में बहने लगीं। उन्हें बचाने के लिए शैलेन्द्र महावी बिना देर किए नदी में कूद गए। हालांकि महिला किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आई लेकिन शैलेन्द्र नदी की तेज धारा और गहराई में फंसकर लापता हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अन्य लोगों की मदद से रेनू गुर्जर को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, सुबह करीब साढ़े नौ बजे सूचना मिलने पर एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला की टीम आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और खोज अभियान शुरू किया।
एसडीआरएफ की टीम संभावित डूब क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में गहन खोजबीन कर रही है। नदी का तेज बहाव और अधिक गहराई अभियान में चुनौती पैदा कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक लापता युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया था और खोज अभियान लगातार जारी है।
इस घटना के बाद एसडीआरएफ ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित एवं असुरक्षित घोषित स्थानों पर स्नान या अन्य जल गतिविधियों से बचें। विभाग ने कहा कि नदी का बहाव और जलस्तर कभी भी अचानक बदल सकता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। लोगों से केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
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