हैदराबाद , जुलाई 05 -- महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने रविवार को कहा कि महिला कांग्रेस 20 जुलाई से अगस्त तक भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने सरकार पर महिला-विरोधी होने का आरोप लगाया और ओबीसी के प्रावधानों के साथ महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग की।

यहां गांधी भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुश्री लांबा ने कहा कि महिला कांग्रेस ने पिछले तीन महीनों में तेलंगाना के 19 जिलों में बैठकें की हैं और दावा किया कि महिलाएं राज्य में कांग्रेस सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए तेलंगाना सरकार की पहलों की प्रशंसा की और राज्य सरकार का धन्यवाद किया।

उन्होंने बताया कि 1.16 लाख से ज़्यादा महिला नेताओं ने महिला कांग्रेस की सदस्य के रूप में अपना पंजीकरण कराया है और कहा कि सितंबर में महिला नेताओं के लिए दो दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

सुश्री लांबा ने कहा कि 25 जुलाई को नयी दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ़ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने नारी शक्ति वंदन (महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण) बिल को तुरंत लागू करने की मांग की और जोर देकर कहा कि इस कानून में ओबीसी महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल करना चाहिए।

भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है और उन्होंने भाजपा नेताओं पर महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार परीक्षा का पेपर लीक होने से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है और इसके लिए उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया।

कांग्रेस नेता ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर ऑपरेशन सिंधु को लेकर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया और अयोध्या राम मंदिर में कथित चोरी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चंदे की चोरी और वोट की चोरी में शामिल है।

सुश्री लांबा ने कहा कि तेलंगाना महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार के विरोध में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए एक पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है और लोगों का समर्थन जुटाने के लिए एक मिस्ड कॉल अभियान भी शुरू किया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि न्यायपालिका के सदस्य भी भाजपा सरकार के कामकाज का विरोध कर रहे हैं।

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