पुणे , अगस्त 22 -- कांग्रेस ने कहा है कि देशभर में छात्रों और युवाओं में जो आक्रोश दिखाई दे रहा है, वह शुरुआत में भले ही हवा के झोंके जैसा लगे लेकिन आगे चलकर वही तूफान बन सकता है और अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पुणे की रैली से इस तूफान की गूंज सुनाई देने लगी है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख एवं राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने शनिवार को यहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के वोट तो चाहती है, लेकिन नीतियां तय करने की बारी आती है तो उन्हें नजरअंदाज कर देती है। महिला आरक्षण विधेयक के मामले में भी यह साजिश खुले तौर पर दिखाई दी है और विधेयक पारित होने के बावजूद भाजपा सरकार विभिन्न पहलुओं की आड़ लेकर इसे लागू नहीं कर रही है।
श्री खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस को उस पार्टी पर गर्व है, जिसने देश को इंदिरा गांधी और प्रियंका गांधी जैसे निर्भीक नेता दिये। पार्टी में सैकड़ों महिलाएं राजनीति में सक्रिय होकर पार्टी का झंडा बुलंद कर रही हैं। खुद श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने कई चुनाव जीते हैं और पार्टी अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने बड़ी जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने कहा कि महिलाएं पुरुषों से बहुत आगे हैं और पुरुष उनका मुकाबला नहीं कर सकते, इसलिए उन्हें पीछे धकेलकर घरों तक सीमित रखने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस को पार्टी नेता राहुल गांधी पर भी गर्व है, जिन्होंने दिल्ली में उन युवा महिलाओं के साथ संवाददाता सम्मेलन किया, जिन्होंने आंदोलनों में अपनी आवाज बुलंद की थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि महिलाओं को अपने मन की बात कहने के लिए मंच उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है और कांग्रेस यह जिम्मेदारी गर्व के साथ निभा रही है। उनका कहना था कि पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता दर में करीब 16 प्रतिशत का अंतर है और महिलाओं को स्कूलों तथा कॉलेजों से दूर रखने की साजिश की गयी।
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