नयी दिल्ली, अप्रैल 15 -- कांग्रेस ने कहा है कि वह हमेशा महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करती रही है लेकिन सरकार इससे परिसीमन को जोड़कर राजनीतिक लाभ हासिल करने का प्रयास कर रही है जिसका पार्टी विरोध करती है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कांग्रेस इस कानून के पक्ष में है लेकिन सरकार इसको राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ रही है जिसका उनकी पार्टी विरोध करती है।
श्री खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। उनका कहना था कि उनकी पार्टी ने 2010 हो या 2023 में जब संविधान संशोधन सर्वसम्मति से पारित हुआ, इसका समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना था कि सरकार को संशोधन लागू करना चाहिए, न कि इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष परिसीमन के मुद्दे पर एकजुट है और सरकार द्वारा लाए गए प्रस्ताव का विरोध करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे अस्पष्ट जनगणना और भविष्य के परिसीमन से जोड़ने के प्रयास के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यपालिका ऐसे अधिकार अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रही है, जो संस्थाओं और संसद के पास रहने चाहिए।
श्री गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण पहले ही संसद द्वारा पारित होकर संविधान का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का वर्तमान प्रस्ताव महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा नहीं बल्कि यह परिसीमन और चुनावी क्षेत्र निर्धारण के जरिए सत्ता हासिल करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अन्य पिछड़ा वर्ग, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों में कटौती नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि किसी के साथ भी किसी तरह ल का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने असम और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि पहले भी परिसीमन प्रक्रिया में हेरफेर और धोखे के प्रयास हुए हैं और इसी कारण विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है।।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित