श्रीगंगानगर , अप्रैल 23 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने विधायिका में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेवार ठहराया है।

भाजपा के जिला कार्यालय में यहां आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए 16 अप्रैल को महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया।

दूसरी तरफ गोल बाजार के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं विधायक रूपेंद्र सिंह रूबी और महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष कमला बिश्नोई ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को अच्छी तरह से पता था कि यह संशोधन किसी भी सूरत में संसद में स्वीकार नहीं होगा। यह संशोधन पारित नहीं होगा। फिर भी इसे इसलिए जानबूझकर लाया गया ताकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित देश के कुछ राज्यों में हो रहे चुनाव में राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बिल्कुल भी नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले। इसीलिए इस संशोधन विधेयक को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर इतना उलझा दिया है कि यह पारित ही नहीं हो सके।

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