प्रयागराज , अप्रैल 16 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के विधान परिषद सदस्य डॉ. मान सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि सपा महिलाओं को सशक्त बनाने और आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन विधेयक के मौजूदा स्वरूप और इसकी समय-सीमा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। डॉ. मान सिंह ने कहा, "हम महिला बिल के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिल की आड़ में जो साजिश रची जा रही है, हम उसके खिलाफ हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 'पीडीए' यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों को प्राथमिकता देती है। उनका कहना था कि महिला आरक्षण में इन वर्गों की महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए, ताकि सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके।

डॉ. मान सिंह ने जातिगत जनगणना को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि बिना जातिगत आंकड़ों के यह तय करना कठिन है कि किस समुदाय को कितनी सीटों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "एक बार आंकड़े सामने आ जाएं, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो पहले पंचायत और निकाय चुनावों की मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों को दूर करना चाहिए था। साथ ही उन्होंने विधेयक लाने में दिखाई गई जल्दबाजी पर भी सवाल उठाए।

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