विजयवाड़ा , अप्रैल 25 -- आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष कोलनुकोंडा शिवाजी ने हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन पारित नहीं हो पाने के लिये विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी को दोषी ठहराने के उद्देश्य से चंद्रबाबू नायडू सरकार द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाये जाने की कड़ी निंदा की है।

श्री शिवाजी ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक की विफलता के लिये कांग्रेस को दोषी ठहराने और लोगों से कांग्रेस को वोट न देने का आह्वान करने के लिये विशेष रूप से एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रही है।

कांग्रेस नेता ने नायडू सरकार से विधानसभा सत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को आरक्षण देने के एजेंडे को शामिल करने को कहा। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने विशेष विधानसभा सत्र के एजेंडे में 'आउटर रिंग रोड' के निर्माण के लिये 10,000 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण और छोटे एवं सीमांत किसानों को होने वाले नुकसान के मुद्दे को भी शामिल करने की मांग की।

कांग्रेस ने यह भी मांग की कि श्री नायडू विधानसभा के विशेष सत्र में एक प्रस्ताव पारित करके अपनी ईमानदारी साबित करें, जिसमें 2029 तक देश भर में लागू 2023 महिला आरक्षण अधिनियम के तहत 543 सीटों में से 33 प्रतिशत यानी 181 सीटें आवंटित की जायें। श्री शिवाजी ने यह सवाल भी उठाया कि सरकार तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के अध्यक्ष का पद या कार्यकारी अधिकारी का पद महिलाओं को देने में क्यों विफल रही और उन्होंने इस मुद्दे पर विधानसभा सत्र में चर्चा करने की मांग की।

राजधानी अमरावती के निर्माण को एक स्व-वित्तीय परियोजना के रूप में पेश करते हुये सरकार विभिन्न स्रोतों से भारी मात्रा में धन उधार ले रही है, कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया और सवाल किया कि यदि यह एक स्व-वित्तीय परियोजना है तो सरकार पैसा क्यों उधार ले रही है। उन्होंने विशेष विधानसभा सत्र में 'ओ.आर.आर.' के लिये भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को शामिल करने की मांग की।

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