देहरादून , अप्रैल 28 -- उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग करते हुए मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में विधानसभा घेराव कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत महिला कांग्रेस की पदाधिकारी, एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नेहरू कॉलोनी के पास एकत्र हुईं, जहां से विधानसभा की ओर एक आक्रोश मार्च किया गया। इस दौरान महिलाएं "महिला आरक्षण लागू करो", "आधी आबादी को पूरा हक दो" जैसे नारे लगा रही थी । रिसपना पुल से पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा बैरिकेडिंग पार करने को लेकर हल्की झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस द्वारा कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया, जिन्हें कुछ देर बाद रिहा कर दिया गया ।
इस मौके पर चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत भी पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने में देरी लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है। सरकार को तुरंत महिला आरक्षण लागू करना चाहिए।
प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता जया कर्नाटक, पुष्पा पवार, अंशुल त्यागी, आशा रावत, सुशीला शर्मा, अंजू मिश्रा, शशि शाह, अनीता सकलानी, शोभा बडोनी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा ललित भद्री, बबलू पंवार, सईद जमाल, आलोक मेहता, नरेश सकलानी, बंटू, गौरव रावत, नितिन उनियाल, अनुज, अनुराग कंसवाल, अभिमन्यु, साहिल शेख, प्रियांशु गौड़, सूरज सहित युवा कांग्रेस के साथियों एवं बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित