बारां , अप्रैल 23 -- राजस्थान में कांग्रेस की बारां की जिला प्रभारी मीनाक्षी चंद्रावत ने महिला आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर 'भ्रम फैलाने' का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस ने देश में महिला सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाये हैं।
श्रीमती चंद्रावत ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से कहा कि वर्ष 1996 में महिला आरक्षण विधेयक संसद में लाने और 2010 में राज्यसभा से पारित कराने में कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही 1992 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायतीराज और नगरीय निकायों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया गया, जिससे लाखों महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने जानबूझकर जनगणना और परिसीमन से जोड़कर इसके क्रियान्वयन में देरी की है।
अंता सीट से विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण को अधिकार के रूप में देखती है, न कि राजनीतिक लाभ के साधन के रूप में। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस विषय का उपयोग कर रही हैं।
जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती तो कानून पारित होते ही इसे लागू कर दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से महिला आरक्षण को उससे जोड़ा जा रहा है।
जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ना एक रणनीति बताया, जिससे इसके क्रियान्वयन में देरी हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को वर्तमान 543 लोकसभा सीटों पर बिना किसी शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाये।
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