नयी दिल्ली , अप्रैल 16 -- कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को "बहाना" बनाकर परिसीमन के जरिए देश के संघीय ढांचे और संविधान को कमजोर करना चाहती है।
उन्होंने गुरूवार को कहा कि सितंबर 2023 में जब महिला आरक्षण विधेयक पेश हुआ था, तब विपक्ष ने इसका समर्थन किया था, लेकिन साथ ही परिसीमन और जनगणना जैसी शर्तें हटाने की मांग भी की थी। अगर उस समय यह लागू हो जाता, तो हाल के लोकसभा और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी होती।
सोशल मीडिया विभाग प्रमुख श्रीनेत ने आरोप लगाया कि भाजपा का महिलाओं से वास्तविक सरोकार नहीं है और 1989 में पंचायती राज में महिला आरक्षण का भी विरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि बाद में कांग्रेस सरकार ने 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया।
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