पन्ना , सितंबर 02 -- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में गरीब महिलाओं को ऋण दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर 24 लाख 69 हजार 935 रुपये की धोखाधड़ी और गबन करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को दमोह जिले से गिरफ्तार किया है। मामले में तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

अमानगंज थाना पुलिस के अनुसार सोनाटा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड की अमानगंज शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक हेमंत पटेल, भरत निषाद, फील्ड स्टाफ बीआरओ गुरुप्रसाद कुर्मी तथा ऊषा दहायत के खिलाफ गरीब महिलाओं को ऋण दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज प्राप्त करने और उनके नाम पर ऋण स्वीकृत कराने की शिकायत मिली थी।

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने स्वीकृत ऋण की राशि महिलाओं के खातों में जमा कराने के बजाय स्वयं अथवा अपने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में हस्तांतरित कर कथित रूप से गबन किया।

पुलिस ने जांच के दौरान समूह की 58 महिला सदस्यों के बयान दर्ज किए। जांच में आरोपियों द्वारा पद का दुरुपयोग कर महिलाओं के नाम पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ऋण की राशि अन्य खातों में हस्तांतरित किए जाने की पुष्टि हुई। कुल 24 लाख 69 हजार 935 रुपये की धोखाधड़ी और गबन पाया गया। पुलिस ने थाना अमानगंज में अपराध क्रमांक 386/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।

पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए प्रकरण के मुख्य आरोपी एवं सोनाटा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड की अमानगंज शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भरत उर्फ भारत निषाद (35) निवासी बड़े जैन मंदिर के पास, गैसाबाद, जिला दमोह को गैसाबाद से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों की भूमिका और राशि के लेन-देन के संबंध में विस्तृत विवेचना जारी है।

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