वाराणसी , अप्रैल 22 -- केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बुधवार को सर्किट हाउस पहुंचे। यहाँ पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सुनहरा अवसर था, जिसे कांग्रेस ने 'नफरत की राजनीति' करते हुए छीन लिया।
श्री मेघवाल ने आगे कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल इस बात से डरे हुए थे कि कहीं इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न मिल जाए, इसलिए उन्होंने बिल पास नहीं होने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम महिलाओं को धर्म के आधार पर आरक्षण देने की राजनीति कर रही थी, जिसकी अनुमति हमारा संविधान नहीं देता। वहीं, डीएमके को यह भय था कि इससे दक्षिण के राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी।
उन्होंने विस्तार से बताया कि परिसीमन के बाद लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़कर 815 होने वाली थी, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जातीं। यह एक संवैधानिक संशोधन था और इसी फॉर्मूले के आधार पर 2029 के बाद विधानसभा की सीटें भी बढ़तीं।
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