बारां , अप्रैल 23 -- राजस्थान के बारां में पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
श्रीमती मेघवाल ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस कानून में अड़ंगे लगा रहे हैं, जबकि वर्षों तक वे केवल महिला सशक्तीकरण की बातें करते रहे। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने हमेशा महिलाओं के अधिकारों में बाधा उत्पन्न की है और अब जब महिलाओं को उनका हक मिलने जा रहा है, तो वह इसका विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा कि अधिनियम के पक्ष में मतदान नहीं करके कांग्रेस ने महिलाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर अधिनियम की जानकारी दें और विपक्ष के "भ्रामक प्रचार" का जवाब दें।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि इस अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा। इससे देशभर में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी और अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिलाओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
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