नयी दिल्ली , जुलाई 30 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन योजना में कड़ी शर्तें लगाकर बड़ी संख्या में महिलाओं को इसके दायरे से बाहर कर दिया गया है।
श्री यादव ने कहा कि सरकार बनने के डेढ़ वर्ष बाद भी योजना को लागू करने में देरी हुई और अब इसके क्रियान्वयन को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। दिल्ली में महिलाओं की आबादी लगभग 1.06 करोड़ है, जबकि सरकार केवल 17 लाख महिलाओं को योजना का लाभ देने की बात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 वर्ष के स्थायी निवास, तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को अपात्र घोषित करने, 2.5 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को बाहर रखने और 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को लाभ से वंचित करने जैसी शर्तें गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं के साथ अन्याय हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, फिर भी पात्रता की शर्तें इतनी कठोर रखी गयी हैं कि अधिकांश महिलाएं लाभ से वंचित रह जायेंगी। उन्होंने दावा किया कि लाभार्थियों को तत्काल केवल 1000 रुपये नकद मिलेंगे, जबकि शेष राशि सावधि जमा (एफडी) के रूप में होगी, जिसे तीन वर्ष बाद ही निकाला जा सकेगा। उनके अनुसार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के दौर में महिलाओं को तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, इसलिए योजना का मौजूदा स्वरूप उनकी वास्तविक जरूरतों और भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
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