नयी दिल्ली , सितंबर 09 -- केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करने पर केंद्रित 'स्किल मंथन' का उद्घाटन सत्र आयोजित किया।

वर्चुअल संवाद में उत्तर प्रदेश के मेरठ और बिजनौर तथा आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में जिला प्रशासन की ओर से किये जा रहे अभिनव प्रयासों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में कौशल विकास, उद्यमिता, वित्त, तकनीक और बाजार तक पहुंच को एकीकृत कर महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार करने पर जोर दिया गया।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन विकास, सुधार और बदलाव के वास्तविक इंजन हैं। उन्होंने कहा कि जिला आधारित योजना के जरिए कौशल विकास के प्रयासों को स्थानीय जरूरतों और उद्योग, विशेष रूप से एमएसएमई की मांग के अनुरूप बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक मांग-आधारित और प्रभावी परिणाम सुनिश्चित किये जा सकते हैं।

कौशल विकास मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि देश की कौशल विकास संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर की जरूरतों और रोजगार के अवसरों के अनुरूप हाइपरलोकल कौशल विकास युवाओं को प्रासंगिक कौशल प्रदान करने और उन्हें बदलती अर्थव्यवस्था में सार्थक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

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