चंडीगढ़ , मार्च 17 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता एवं बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मंगलवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर से अपील की कि लुधियाना में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खिलाफ स्त्री-द्वेषी , अपमानजनक और अश्लील टिप्पणियां करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

सुश्री बादल ने कल शाम राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लयु) अध्यक्ष से मुलाकात की और उन्हें अवगत कराया कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ऐसी टिप्पणियां की हैं जो यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने के समान हैं तथा इसके लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक कड़ा संदेश देने के लिए आवश्यक है कि महिलाओं को इस तरह से 'वस्तु' के रूप में नहीं देखा जा सकता।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान विस्तार से बताया कि कैसे उन्होंने अपने दोस्तों के सामने एक लड़की के साथ रिश्ते में होने का झूठा दावा किया था। मुख्यमंत्री ने उस लड़की के पहनावे के आधार पर उसे 'पीली ततैया', 'पाकिस्तान का झंडा' और 'बॉम्बशेल' कहकर उसे वस्तु के रूप में पेश किया।

सुश्री बादल ने कहा कि इससे भी अधिक परेशान करने वाली बात यह थी कि मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि उनके कॉलेज के दिनों में जिस लड़की ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, वही लड़की उन्हें एक समारोह में रिसीव करने के लिए खड़ी थी, जहाँ उन्हें मुख्यमंत्री (या कलाकार) बनने के बाद मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह किस्सा सुनाया गया, वह इस गर्व को दर्शाता है कि कैसे एक महिला, जिसने उनके प्रस्ताव को ठुकराने का साहस किया था, उसे बाद में अपनी शक्ति और अधिकार दिखाने के लिए एक आधिकारिक समारोह में औपचारिक रूप से उनका स्वागत करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

उन्होंने कहा कि जब राज्य के मुख्यमंत्री कॉलेज के छात्रों-विशेषकर युवा महिलाओं-के सामने महिलाओं के बारे में इस तरह सार्वजनिक रूप से बोलते हैं , तो यह एक खतरनाक संदेश देता है कि महिलाओं की गरिमा को तुच्छ समझा जा सकता है और उनके अस्तित्व को मनोरंजन के लिए केवल उनकी दिखावट तक सीमित किया जा सकता है।

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