जयपुर , अक्टूबर 18 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं का आत्मसम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण राज्य सरकार का संकल्प बताते हुए कहा है कि वह महिला एवं बालिका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में नवीन कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स एवं महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में शक्ति की आराधना का पावन पर्व नवरात्र मातृ शक्ति के सम्मान और सुरक्षा सर्वाेपरि की सीख देता है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार महिला एवं बालिका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है ताकि वे बिना किसी भय के शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक गतिविधियों में और आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि उनके सम्मान, स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और समान अवसरों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की महिला पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और साहस के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें प्रतिमाह थाने एवं पुलिस चौकी में पदस्थापित कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और एएसआई की तरह निश्चित यात्रा भत्ता देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम, असामाजिक तत्वों में कानून का भय और महिलाओं में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना पैदा करना भी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुद्रा योजना और लखपति दीदी जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। वहीं राज्य सरकार द्वारा भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आधी आबादी को उनका पूरा हक देना सुनिश्चित किया जा रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों का फील्ड में प्रभावी असर नजर आ रहा है। यही कारण है कि वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के प्रकरणों में लगभग 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है तथा महिला अत्याचार संबंधी प्रकरणों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है।

उन्होंने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स द्वारा 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 50 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को कानून और 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरुक किया गया है। इसी प्रकार लगभग 16 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया है।

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