नयी दिल्ली , फरवरी 19 -- महिंद्रा समूह ने सी-390 मिलेनियम सैन्य विमानों के लिए ब्राजील की कंपनी एंब्रेयर के साथ मिलकर भारत में रखरखाव मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) के लिए संयंत्र लगाने की योजना की घोषणा की है।

दोनों कंपनियों ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारतीय वायु सेना के मध्यम परिवहन विमान (एमटीए) कार्यक्रम के लिए सी-390 मिलेनियम विमानों के चयन की स्थिति में वे इसके लिए एमआरओ संयंत्र लगायेंगे। यह विभिन्न मिशनों में इस्तेमाल किया जा सकने वाला सैन्य विमान है। दूसरे मध्यम आकार के विमानों की तुलना में यह 26 टन तक भार लेकर तेज गति से उड़ान भर सकता है।

महिंद्रा समूह और एंब्रेयर ने पिछले साल अक्टूबर में इन विमानों के भारत में निर्माण के लिए एक रणनीतिक समझौता किया था।

सी-390 मिलेनियम का इस्तेमाल सैनिकों और सामान के परिवहन, एयरड्रॉपर ऑपरेशन, आपात चिकित्सा स्थिति में लोगों को ले जाने, खोज एवं बचाव, आग बुझाने और मानवीय मिशनों के लिए किया जा सकता है। यह अस्थायी रनवे पर भी उतर सकता है और हवा में ईंधन भरने में भी सक्षम है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस संयंत्र का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय वायु सेना के लिए एमआरओ सेवा देना होगा, लेकिन इसे क्षेत्रीय एमआरओ केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।

वर्तमान में सी-390 मिलेनियम विमान ब्राजील, पुर्तगाल, हंगरी, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, उजबेकिस्तान, चेक गणराज्य, स्वीडन, स्लोवाकिया और लिथुआनिया की वायु सेनाओं में शामिल है।

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