महासमुंद , अक्टूबर 23 -- ) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आज किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर बेलसोंडा रेलवे क्रॉसिंग के पास चक्काजाम कर दिया। किसान कावेरी बीज कंपनी रायपुर से प्रदेश के सात जिलों के किसानों का करीब 6 करोड़ 11 लाख 25 हजार रुपये का बकाया भुगतान कराने की मांग कर रहे थे। चक्काजाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं।

सूचना मिलने पर पुलिस, कृषि विभाग, श्रम विभाग और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। करीब साढ़े चार घंटे तक चले चक्काजाम का समापन कृषि विभाग की ओर से चार बिंदुओं पर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद हुआ।

दरअसल, रबी सीजन 2024-25 में कावेरी बीज कंपनी रायपुर ने महासमुंद जिले के 85 किसानों की जमीन लीज पर लेकर धान की खेती की थी। इसके लिए किसानों के साथ प्रति एकड़ 22 हजार से 27 हजार रुपये तक भुगतान करने का अनुबंध किया गया था। किसानों का आरोप है कि फसल का उत्पादन लेने के बाद कंपनी ने करीब 2 करोड़ 38 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया। वहीं, मजदूरों की 4 लाख 73 हजार रुपये की मजदूरी भी बकाया है।

किसानों और मजदूरों ने बकाया राशि के भुगतान के लिए लगातार मांग की, लेकिन समाधान नहीं होने पर 20 फरवरी 2026 को भी आंदोलन कर चक्काजाम किया था। उस समय कृषि विभाग ने मामले की जांच कर जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि, आठ महीने बीत जाने के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ।

इसके बाद किसानों ने बैठक कर 23 अक्टूबर को रायपुर पहुंचकर कावेरी बीज कंपनी का घेराव करने की चेतावनी प्रशासन को लिखित रूप में दी थी। शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान रायपुर के लिए रवाना हो रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। इससे नाराज किसानों ने बेलसोंडा रेलवे क्रॉसिंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर चक्काजाम कर दिया।

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