महासमुंद , अप्रैल 12 -- छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता के उद्देश्य से संचालित पेंशन योजनाएं महासमुंद जिले में गंभीर संकट का सामना कर रही हैं। जिले में हजारों हितग्राहियों को पिछले तीन से चार महीनों से पेंशन राशि नहीं मिल पाई है, जिससे वृद्ध, दिव्यांग और विधवा महिलाएं आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं।
सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में कुल छह पेंशन योजनाएं संचालित हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 33 हजार 412 हितग्राही पंजीकृत हैं, जिन्हें प्रति माह 500 रुपये तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को 650 रुपये दिए जाते हैं। हालांकि, इन हितग्राहियों को पिछले तीन महीनों से पेंशन नहीं मिली है।
इसी प्रकार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 966 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9,629 हितग्राही भी तीन से चार माह से पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। इस प्रकार कुल 44,007 हितग्राही इन योजनाओं से प्रभावित हैं। हितग्राहियों का कहना है कि पेंशन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, जिसके अभाव में दैनिक जरूरतें पूरी करना कठिन हो गया है।
उधर, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और अगले सप्ताह तक हितग्राहियों के खातों में राशि पहुंचने की संभावना है।
इस संबंध में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि पेंशन नहीं मिलने की शिकायत अब तक जनदर्शन में सामने नहीं आई थी लेकिन अब जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग से रिपोर्ट लेकर शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की अन्य पेंशन योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री पेंशन योजना, सुखद सहारा योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत भी जिले के 53 हजार 869 हितग्राहियों को पिछले दो महीनों से पेंशन नहीं मिली है।
ऐसे में कुल मिलाकर 97 हजार से अधिक हितग्राही प्रभावित हो रहे हैं, जिससे योजनाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इन हितग्राहियों को राहत दिला पाता है।
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