महासमुंद , जून 12 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों से 29 हजार 477 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि में निजी स्कूलों में नामांकन लगातार बढ़ा है। यह स्थिति सरकारी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के घटते भरोसे को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

जिले में पहली कक्षा से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कुल 1,956 शासकीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 1,276 प्राथमिक, 492 माध्यमिक, 62 हाई स्कूल तथा 126 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में शासकीय स्कूलों में एक लाख 70 हजार 980 विद्यार्थियों के नाम दर्ज थे। वर्ष 2022-23 में यह संख्या घटकर एक लाख 62 हजार 310 रह गयी। वर्ष 2023-24 में एक लाख 54 हजार 809, वर्ष 2024-25 में एक लाख 48 हजार 57 तथा वर्ष 2025-26 में एक लाख 41 हजार 503 विद्यार्थी दर्ज किए गए। इस तरह पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में कुल 29 हजार 477 विद्यार्थियों की कमी आयी है।

पालकों का कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों और सुविधाओं की कमी के कारण वे अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने के लिए मजबूर हैं। वहीं शिक्षकों का मानना है कि शिक्षकों के रिक्त पद और विभिन्न गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। उनका कहना है कि कई प्रशासनिक और शासकीय कार्यों में व्यस्त रहने के कारण शिक्षकों को शिक्षण कार्य के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।

दूसरी ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी इस विषय पर अपने आंकड़ों की पुनः समीक्षा की बात कह रहे हैं और छात्र संख्या में गिरावट के कारणों पर स्पष्ट टिप्पणी करने से बच रहे हैं।

उधर जिले में निजी स्कूलों की ओर विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। महासमुंद जिले में वर्तमान में 283 गैर-शासकीय विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 2023-24 में निजी स्कूलों में 48 हजार 91 विद्यार्थियों का नामांकन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 51 हजार 835 हो गया। वर्ष 2025-26 में यह संख्या 55 हजार 222 पहुंच गई। इस प्रकार तीन वर्षों में निजी स्कूलों में सात हजार 131 विद्यार्थियों की वृद्धि दर्ज की गई है।

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