भोपाल , फरवरी 15 -- महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को आयोजित 'किन्नर धर्म सम्मेलन' में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच हिमांगी सखी का भारत का पहली ट्रांसजेंडर शंकराचार्य के रूप में औपचारिक 'पट्टाभिषेक' संपन्न हुआ।
आयोजकों ने घोषणा की कि पुष्कर पीठ को देश की पहली ट्रांसजेंडर शंकराचार्य पीठ के रूप में नामित किया गया है। इस कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास, विभिन्न राज्यों से आये ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य, साधु-संत और बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए।
सम्मेलन के दौरान आयोजकों ने दावा किया कि अन्य धर्मों में परिवर्तित हो चुके 60 ट्रांसजेंडरों को शुद्धीकरण प्रक्रिया के जरिये वापस हिंदू धर्म में लाया गया। मंच से यह कहा गया कि इस्लाम अपनाने वाले कुछ व्यक्तियों ने अनुष्ठानों के बाद पुनः हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया। इन दावों की हालांकि स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।
समारोह के हिस्से के रूप में चार जगद्गुरुओं और पांच महामंडलेश्वरों की भी घोषणा की गयी। नवनियुक्त जगद्गुरुओं में काजल ठाकुर (भोपाल), तनीषा (राजस्थान), संजना सखी (भोपाल) और संचिता (महाराष्ट्र) शामिल हैं।
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