अलवर , मार्च 30 -- जैन धर्मावलम्बियों के 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव सोमवार को राजस्थान में अलवर में भव्य तरीके से मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय मुंशी बाजार से सुबह करीब साढ़े बजे शोभायात्रा निकालने से हुई जिसमें स्वर्ण रथ में श्रीजी को विराजमान किया गया। तत्पश्चात महोत्सव समिति के अध्यक्ष अनिल पालावत, मंदिर समितियों के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जैन, मुकेश कुमार जैन आदि ने रथ का पूजन किया और श्रीजी की आरती उतारी। जिसके बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने रथ को अपने हाथों से खींचना शुरू किया तो पूरा क्षेत्र भगवान महावीर के जयकारों से गूंज उठा।
जैन पत्रकार महासंघ अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने बताया कि रथयात्रा के साथ करीब 12 झांकियां थी और जैन पूजन संस्थान, अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन अलवर, जैन संस्कृति रक्षा मंच परिवार की भजन मण्डलियां भजन गाते और नृत्य करते हुए चल रही थी। इन झांकियों मेंं सिद्धचक्र महामण्डल विधान की झांकी भी थी वहीं कर्मों का फल की झांकी भी आकर्षण का केन्द्र रही।
अहिंसा एकता ग्रुप, जैन मित्र मण्डल अलवर, श्री जैन युवक संघ आदि सहित विभिन्न झांकियां रथयात्रा के साथ चल रही थीं। रथयात्रा जिस मार्ग से भी गुजरी वहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने श्रीजी की आरती की और भेंट समर्पित की। दिगम्बर जैन महासमिति के मंच पर भगवान के बाल रूप का पालना भी सजाया जो लोगों के लिये आस्था का केन्द्र रहा।
वीर चौक पर बच्चू सिंह जैन के संचालन में रथयात्रा की अगवानी की गई जहां श्रीजी की आरती की गई। सबसे खास बात ये रही कि रथयात्रा के साथ अलवर में विराजमान दिगम्बर जैन आचार्य आदित्य सागर महाराज एवं आचार्य विज्ञान भूषण महाराज ससंघ चल रहे थे जिनका जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन किया।
वीर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व नि:शक्तजन आयुक्त खिल्लीमल जैन ने अपने संबोधन में राज्य सरकार से महावीर जयंती पर बूचडख़ाने बंद रखे जाने के स्थाई आदेश जारी करने, नील गायों की हत्या से संबंधित कानून को रद्द करने और राजस्थान राज्य के पशु ऊंट की तस्करी पर रोक लगाने की मांग की।
शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए ये स्वर्ण रथ शोभायात्रा करोली कुण्ड स्थित जैन नसिया जी पहुंची जहां ध्वजारोहण के बाद तीन दिवसीय महावीर जयंती महोत्सव मेला शुरू हो गया। महोत्सव स्थल पर अब एक अप्रैल तक विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक,धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
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