मुंबई , जून 10 -- महाराष्ट्र सरकार ने उन किसानों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करन के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है, जिन्होंने बार-बार फसल खराब होने, बढ़ते कर्ज़ और कर्ज़ के दबाव के कारण आत्महत्या कर ली है।राजस्व एवं वन विभाग ने इन निधियों के वितरण को तेज़ करने के लिए आधिकारिक रूप से एक सरकारी आदेश जारी किया है। राज्य में डिवीज़नल कमिश्नरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों द्वारा प्रस्तुत विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर राशि को तुरंत वितरित करें।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अमरावती डिवीज़न में खेती-किसानी से जुड़ी सबसे ज़्यादा परेशानियां देखी गई हैं, उसे फंड का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 8.76 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।

सरकार ने संभाजीनगर (5.92 करोड़ रुपये), नागपुर (5.75 करोड़ रुपये), नासिक (3.39 करोड़ रुपये), पुणे (1.06 करोड़ रुपये) और कोंकण (0.12 करोड़ रुपये) के लिए भी निधि आवंटित किया है।

राज्य सरकार ने यह कदम किसानों के संकट से जुड़े गंभीर आंकड़ों के बीच उठाया गया है। जानकारों का कहना है कि देश में किसानों की आत्महत्या के कुल मामलों में से लगभग 40 प्रतिशत मामले अकेले महाराष्ट्र में होते हैं। राज्य में हर दिन औसतन 17 किसान आत्महत्या करते हैं। हाल के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को और उजागर करते हैं क्योंकि पिछले पांच महीनों में 312 किसानों की जान गई है, जिनमें से 11 मौतें पिछले एक हफ़्ते में ही हुई हैं।

इस संकट का मुख्य कारण खेती की बढ़ती लागत, फ़सलों की कीमतों में अनिश्चितता, भारी कर्ज़ का बोझ और मौसम में अनियमितता है।

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