मुंबई , जून 24 -- महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के समान ही शैक्षणिक और अन्य रियायतें देने वाले गत पांच जून के सरकारी प्रस्ताव को "तुरंत लागू" किये जाने के बुधवार को निर्देश दिये।
सरकार ने इसके साथ ही आरक्षण से जुड़े लाभों को तेजी से पहुंचाने और शिकायतों के निवारण के लिए कई उपायों की घोषणा की है।
यह निर्णय मराठा आरक्षण पर गठित महाराष्ट्र कैबिनेट उप-समिति की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने की। समिति ने जिला स्तर पर हेल्पलाइन शुरू करने, शिकायतों के निवारण की साप्ताहिक निगरानी करने और आरक्षण से जुड़े मामलों तथा सरकारी योजनाओं की देखरेख के लिए एक विशेष मराठा प्रकोष्ठ बनाने के भी निर्देश दिए हैं।
श्री विखे पाटिल ने प्रशासन को जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि लाभ बिना किसी देरी के लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने संबंधित विभागों को विशेष रूप से आदेश दिया कि वे अगली बैठक में इस बात का विस्तृत आंकड़ा पेश करें कि सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद से अब तक कितने छात्रों को इसका लाभ मिला है। इसके अलावा, समिति ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे समिति के चल रहे कार्यों में तेजी लाने के लिए उन्हें एक अलग कार्यालय स्थान उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया।
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