नागपुर/ मुंबई , जुलाई 03 -- महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए राज्य व्यापी मराठी भाषा दक्षता अभियान शुरू किया है, ताकि राज्य में यात्रियों के साथ सम्मानजनक और प्रभावी संवाद को बढ़ावा दिया जा सके। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राज्य परिवहन विभाग और कई मराठी साहित्यिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह अभियान अपने पहले चरण में छह जुलाई से शुरू होगा और जुलाई के मध्य तक नागपुर में समाप्त होगा।

पहला चरण नासिक, मालेगांव, पुणे, सांगली, कोल्हापुर और नागपुर में विस्तारित होने से पहले संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और सोलापुर को कवर करेगा।

यह पहल परिवहन विभाग द्वारा पिछले महीने जारी उस निर्देश के बाद की गयी है, जिसके तहत गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए 15 अगस्त तक मराठी भाषा दक्षता प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया था।

इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, चालक महाराष्ट्र राज्य मराठी भाषा विभाग, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ द्वारा संचालित चार घंटे के निःशुल्क प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग लेंगे।

प्रमुख लेखक और शिक्षक चालकों को बुनियादी मराठी संवाद और भाषा के उपयोग में प्रशिक्षित करने के लिए सत्रों में भाग लेंगे, जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक समझ को मजबूत करना और चालकों तथा यात्रियों के बीच बातचीत में सुधार करना है।

महाराष्ट्र राज्य साहित्य और संस्कृति मंडल के उपाध्यक्ष तथा कोंकण मराठी साहित्य परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप धवल ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य मराठी भाषा के प्रति सम्मान और लगाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक यूनियनों से इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।

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