मुंबई , जुलाई 10 -- महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को राज्य की दूध आपूर्ति श्रृंखला को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ जब अन्न एवं औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने हाल ही में की गयी कड़ी कार्रवाई के दौरान पश्चिमी महाराष्ट्र में दूध मिलावट के एक बड़े रैकेट के भंडाफोड़ होने की पुष्टि की।
श्री झिरवाल ने सदन में कहा कि एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा शुरू किये गये अभियान की वजह से पश्चिमी महाराष्ट्र में एकत्र होने वाले दूध की मात्रा में अचानक 20 से 25 प्रतिशत की गिरावट आयी है। उन्होंने स्वीकार किया कि आपूर्ति में यह भारी गिरावट इस बात का सांख्यिकीय प्रमाण है कि इस क्षेत्र में पहले किस बड़े पैमाने पर मिलावट की जा रही थी। उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट से निपटने के लिए कड़े कानून मौजूद हैं, लेकिन उन्हें लागू करने में खेदजनक देरी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार अब इस मामले में बिल्कुल भी ढिलाई न बरतने का दृष्टिकोण अपना रही है।
इस तीखी बहस के दौरान, भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने इस मुद्दे को उठाया और दूध उत्पादन में यूरिया एवं अन्य रसायनों के व्यापक उपयोग से स्वास्थ्य को होने वाले खतरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "मिलावटखोर वास्तव में राज्य भर के लाखों नागरिकों और बच्चों के जीवन में जहर घोल रहे हैं।" उन्होंने इस तरह के रैकेट को बढ़ावा देने वाले डेयरी संचालकों के खिलाफ गंभीर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
जालना स्थित 'मुंदड़ा इंडस्ट्रीज' के मामले का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि कारखाने से जब्त घी के आठ नमूनों में से छह शुरुआती प्रयोगशाला परीक्षणों में घटिया स्तर के पाये गये हैं। इन नमूनों को पुन: सत्यापन के लिए भेजा गया है और अंतिम रिपोर्ट 23 जुलाई तक आने की उम्मीद है।
श्री झिरवाल ने चेतावनी दी कि वर्तमान खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत, दोषियों को 1 लाख रुपये के जुर्माने से लेकर मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने संकल्प लिया कि निष्कर्षों की पुष्टि होने के बाद इस फर्म के मालिकों को कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
विधायक किशोर पाटिल की एफडीए के नेतृत्व में स्थिरता सुनिश्चित करने की मांग के जवाब में, मंत्री ने आयुक्त को अगले तीन वर्षों तक बिना किसी तबादले के खाद्य माफियाओं के खिलाफ अपना मौजूदा अभियान जारी रखने देने के समर्थन का संकेत दिया।
एक अन्य घटनाक्रम में, विधानसभा ने विधान भवन के भीतर ही स्वच्छता में चूक का भी संज्ञान लिया। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने विधायी परिसर के अंदर कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में परोसे गये भोजन में एक मक्खी होने की बात कही। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इस घटना को "अत्यंत गंभीर" बताते हुए मामले की तत्काल जांच के आदेश दिये हैं।
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