मुंबई , जून 15 -- महाराष्ट्र विधानमंडल का आगामी मॉनसून सत्र मुंबई में 22 जून से 10 जुलाई तक निर्धारित है जिसके हंगामेदार रहने की उम्मीद है और इसी पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

विधान भवन में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तीन हफ़्ते के लिए निर्धारित इस सत्र को राजनीतिक हलकों में अभी से ही हंगामेदार रहने वाला सत्र बताया जा रहा है क्योंकि विपक्ष कई मोर्चों पर राज्य सरकार को ज़ोरदार तरीके से चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।

विधानमंडल सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल की मंज़ूरी मिलने के बाद 22 जून को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे शुरू होगी जबकि विधान परिषद का सत्र दोपहर 12:00 बजे शुरू होगा। सदन में जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, उनमें किसानों की समस्याएं जैसे कर्ज माफी की शर्तें और फसल बीमा के अनसुलझे दावे और मराठा एवं ओबीसी आरक्षण शामिल हैं। एजेंडे में शामिल अन्य अहम मुद्दों में कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और मॉनसून से जुड़ी चुनौतियों पर सरकार का रुख शामिल है।

उम्मीद है कि पूरे सत्र के दौरान इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होगी। सरकार से इस सत्र में कई अहम विधेयक पेश करने की भी उम्मीद है, जिनमें 'महिला किसान सशक्तिकरण बिल, 2026' भी शामिल है। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और विधान परिषद के सभापति राम शिंदे दोनों ने ही कहा है कि सत्र कामकाजी होना चाहिए और उसमें महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

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