मुंबई , जुलाई 30 -- महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी स्कूलों के भीतर और परिसर के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री, विज्ञापन और मुफ्त वितरण पर पूरी तरह से रोक लगाने के सख्त आदेश जारी किए हैं।

यह व्यापक निर्देश राज्य के 1.08 लाख से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले दो करोड़ से भी अधिक छात्रों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए जारी किया गया है। इसके तहत अधिक वसा, अत्यधिक चीनी और ज्यादा नमक (एचएफएसएस) वाले खाद्य पदार्थों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

नए आदेश के बाद अब स्कूलों की कैंटीन, हॉस्टल और आसपास की दुकानों पर मिलने वाले वड़ा पाव, समोसे, चॉकलेट, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे लोकप्रिय स्नैक्स पूरी तरह से बंद रहेंगे।

यह पाबंदी केवल स्कूल परिसर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्कूल की सीमा से 50 मीटर की दूरी तक लागू होगी। इसका उद्देश्य स्कूल के आसपास चिप्स, टॉफी और मीठे पेय पदार्थ बेचने वाले स्थानीय विक्रेताओं पर नकेल कसना है।

'महाराष्ट्र में हर बच्चे के लिए सुरक्षित भोजन' पहल के तहत, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) प्रदाताओं, हॉस्टल मेस और स्कूल कैंटीनों के पास वैध एफएसएसएआई पंजीकरण या लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन कराने की सीधी जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्यों और प्रबंधन समितियों की होगी और लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शैक्षणिक संस्थानों को अब छात्रों के खान-पान में ताजे फल, सब्जियां, अनाज और डेयरी उत्पादों जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

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