नंदुरबार , अगस्त 22 -- महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में अक्कलकुवा तालुका के वेहगी-बारीपाडा गांव की एक आदिवासी महिला की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गयी।

स्थानीय निवासियों के अनुसार गांव में न तो कोई पक्की सड़क है और न ही नदी पर कोई पुल, जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर नजदीकी अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। बताया जा रहा है कि महिला को बांस की झोली में ले जाना पड़ा लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गयी। गांव में मोबाइल नेटवर्क संपर्क न होने से स्थिति और भी खराब हो गयी।

निवासियों ने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस से संपर्क करने में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। वे सवाल उठा रहे हैं कि बुनियादी ढांचे और समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण और कितनी मासूम जानें जायेंगी।

स्थानीय निवासियों ने वेहगी इलाके तक पक्की सड़क, नदी पर पुल और दूर-दराज की आदिवासी आबादी के लिए आसानी से उपलब्ध आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं के तत्काल निर्माण की मांग की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित