पुणे , अक्टूबर 13 -- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को मतदाताओं से अपील की कि वे आगामी विधान परिषद चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की धन-शक्ति के अहंकार को हराएं और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सभी पांच उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा, "यह दिखा दें कि लोकतंत्र में वोट खरीदे नहीं जा सकते और भाजपा की धन-शक्ति के अहंकार को हराएं।" उन्होंने पुणे के बालगंधर्व रंगमंदिर में एमवीए के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी अभियान बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
श्री सपकाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) सहित कई संस्थानों में जनता का भरोसा कम हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्य दबाव में हैं और ऐसे सक्षम प्रतिनिधियों को चुनने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जो विधानमंडल में स्नातक और शिक्षकों की चिंताओं को उठा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार न बना पाने के बावजूद एमवीए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो उसके 2024 के घोषणापत्र में शामिल एक वादा है। श्री सपकाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े कई शैक्षणिक संस्थानों को मंज़ूरी दी गई थी, जिससे पता चलता है कि पार्टी ने संस्थागत आधार पर निर्णय लेने से परहेज नहीं किया था।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा सरकारों की आलोचना की और राज्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सूखे की स्थिति के कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने 'विकसित भारत' के विज़न के प्रचार पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केवल विज्ञापन से विकास सुनिश्चित नहीं हो सकता। उन्होंने ज़ोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव वाले इस दौर में प्रगति के लिए शैक्षणिक संस्थानों को मज़बूत करना और बौद्धिक व तकनीकी क्षमताओं में सुधार करना ज़रूरी है।
बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार (ऑनलाइन) , पूर्व मंत्री विश्वजीत कदम, राकांपा (एसपी) के राज्य अध्यक्ष शशिकांत शिंदे, पूर्व मंत्री जयंत पाटिल, सांसद धैर्यशील मोहिते-पाटिल, पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल, कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, विधायक बापूसाहेब पठारे और वरिष्ठ नेता उल्हास पवार, प्रभाकर देशमुख व अंकुश काकड़े समेत कई अन्य लोग शामिल हुए।
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