मुंबई , जुलाई 26 -- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुंबई के सावरकर मार्ग पर अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर चल रहे चचेरे भाइयों उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक ज़बरदस्त संयुक्त रैली की है।
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में युवाओं के अभूतपूर्व विरोध-प्रदर्शन के दबाव में श्री प्रधान के इस्तीफे के बाद इस विशाल ऐतिहासिक सभा में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और आम नागरिकों की भारी भीड़ जुटी। जश्न के माहौल के बीच, एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने उन सभी 21 छात्रों के नाम लिए जिन्होंने ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शनों के दौरान आत्महत्या कर अपनी जान गंवा दी थी और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र पुलिस की भी तारीफ़ की कि उन्होंने बहुत संयम एवं सहयोग के साथ स्थिति को संभाला जो दिल्ली में देखी गई सख़्त कार्रवाई से बिल्कुल अलग था। जोश से भरी भीड़ को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस जीत को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ बताया।
श्री ठाकरे ने कहा, "यह लड़ाई असल में सच्चे देशभक्तों और अंधभक्त समर्थकों के बीच का टकराव थी। जाति, पंथ और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर, देश के युवा एक झंडे के नीचे कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए और कहा, 'हां, मैं देशभक्त हूं।' एक मामूली कॉकरोच जैसी सहनशक्ति ने एक ताकतवर तानाशाह को झुका दिया है।"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए श्री ठाकरे ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर केंद्रीय मंत्री पार्टी में फूट डालने में लगे रहते हैं वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसे अहम कैबिनेट सदस्य आर्थिक मंदी पर चर्चा से बचते हुए परीक्षा घोटालों को सही ठहराने की कोशिश करते हैं।
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