मुंबई , अक्टूबर 17 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को दादर स्थित भवानी शंकर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के नगर निगम सरकारी विद्यालय की डिजिटल साक्षरता प्रयोगशाला का निरीक्षण किया और युवा नवोन्मेषकों की सराहना की।
इस दौरान एक छात्र ने जब बताया कि उसने केवल 30 दिनों में एक ऐप विकसित किया है, तो मुख्यमंत्री प्रभावित हुए। इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए श्री फडणवीस ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, तकनीक की संभावनाओं को तलाशने और अपने विचारों को हकीकत में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने प्रयोगशाला का दौरा किया, विद्यार्थियों की ओर से तैयार परियोजनाओं की समीक्षा की और उन्हें उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने युवा नवोन्मेषकों से बातचीत भी की और उनसे उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। विद्यार्थियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, "कर लो दुनिया मुट्ठी में।"दौरे के दौरान विद्यार्थियों की ओर से तैयार तीन ऐप- टेरा 3डी, एफ.आर.आई.डी.ए.वाई. और सीरियल प्रदर्शित किये गये। ये ऐप पृथ्वी की आभासी सैर करने, कंप्यूटर से जुड़े कामों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद लेने तथा कार्यालय की बैठकों और ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिए उपकरण उपलब्ध कराने से संबंधित हैं।
टेरा 3डी के जरिए उपयोगकर्ता पृथ्वी की आभासी सैर कर सकते हैं और विभिन्न देशों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। एफ.आर.आई.डी.ए.वाई. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल कर कंप्यूटर से जुड़े कार्यों को आसान बनाता है, जबकि सीरियल एप को कार्यालय की बैठकों और ऑडियो रिकॉर्डिंग में मदद के लिए तैयार किया गया है।
इन ऐप को यशराज जाधव, आर्यमान जाधव, समीक्षा कोंथम, अक्षरा बांगर, नील बद्री, अंश पाटिल और आरुष वांगरी ने विकसित किया है।
स्नेह आशा फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष सिद्धि चौहान जायसवाल ने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया। इस फाउंडेशन ने डिजिटल साक्षरता, छात्रवृत्ति, वित्तीय साक्षरता, जीवन कौशल और करियर विकास से जुड़ी पहलों के माध्यम से 16,500 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनायी है। इसकी पहलों में पालघर में संचालित जीवन कौशल्य कार्यक्रम भी शामिल है।
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