मुंबई , अप्रैल 02 -- मुंबई स्थित मंत्रालय में 'डीजी ऐप' के जरिए जारी किये गये लगभग 10,000 एंट्री कार्ड गायब होने का खुलासा होने से राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय में प्रवेश नियंत्रण की गंभीर चूक सामने आयी हैं।

यह मामला अधिकारियों के लिए एक बड़ी परिचालन चुनौती बन गया है, खासकर इसलिए क्योंकि बड़ी संख्या में आगंतुक अपना काम पूरा करने के बाद कॉर्ड वापस करना भूल गये।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस समस्या की गंभीरता तब स्पष्ट हुई जब रिकॉर्ड से पता चला कि हजारों आगंतुक अपना एक्सेस कॉर्ड जमा किये बिना ही परिसर से बाहर चले गये। बिना लौटाये गये कार्डों की संख्या 10,000 के करीब पहुंचने पर प्रशासन ने इसे संभावित सुरक्षा जोखिम मानते हुए व्यवस्थित रूप से रिकवरी की कोशिशें शुरू कर दी हैं।

आगंतुकों के प्रवेश प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठेकेदार एजेंसी ने उन व्यक्तियों का सक्रिय रूप से पता लगाना शुरू कर दिया है, जिन्होंने अपने कॉर्ड वापस नहीं किये। उपलब्ध रिकॉर्ड का इस्तेमाल करते हुए अधिकारी ऐसे आगंतुकों से सीधे फोन कॉल के जरिए संपर्क कर रहे हैं और उनसे तुरंत कॉर्ड लौटाने की गुजारिश कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत डाटाबेस होने की वजह से आगंतुकों से संपर्क करने की प्रक्रिया में काफी मदद मिली है। डाटाबेस में इस बात की जानकारी मौजूद है कि आगंतुक किन विभागों में आये और उनके आने का मकसद क्या था। इस चूक का पता चलने के बाद प्रशासन ने प्रवेश के कड़े नियम लागू कर दिये हैं। जिन आगंतुकों ने अपने पहले जारी किये गये कॉर्ड वापस नहीं किये हैं, उन्हें तब तक नया एंट्री पास नहीं दिया जायेगा, जब तक कि वे पुराने कॉर्ड जमा नहीं कर देते। इस उपाय का उद्देश्य कॉर्ड के बार-बार होने वाले दुरुपयोग को रोकना और आगंतुकों के बीच जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि इन खामियों को और अधिक दूर करने के लिए मंत्रालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक 'रिकवरी बॉक्स' लगाया गया है। अब सभी आगंतुकों के लिए परिसर से बाहर निकलने से पहले अपना एंट्री कॉर्ड इस बॉक्स में डालना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि कॉर्ड अनजाने में या किसी और वजह से बाहर न जा सके।

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस रिकवरी अभियान के शुरुआती नतीजे सीमित रहे हैं और अब तक लगभग 300 कॉर्ड ही वापस मिल पाये हैं , हालांकि अब भी बड़ी संख्या में लापता कॉर्ड चिंता का विषय है, क्योंकि अनधिकृत प्रवेश से जुड़े सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकते हैं।

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