मुंबई , अक्टूबर 12 -- महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने सोमवार को घोषणा की कि वह बिना कोई अनुमति लिए नवंबर के पहले सप्ताह में महाराष्ट्र की राजधानी स्थित मंत्रालय (राज्य सचिवालय भवन) के पास धरना देंगे।

श्री तुषार गांधी ने 'एक्स' पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, "नवंबर के पहले हफ्ते में मैं मंत्रालय के पास बापू (महात्मा गांधी) की प्रतिमा के नीचे विरोध प्रदर्शन करूंगा। इसकी शुरुआत मैं डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर उनका आशीर्वाद लेकर करूंगा, जिसके बाद बापू की प्रतिमा तक पैदल जाकर वहीं धरने पर बैठ जाऊंगा।"हाल ही में मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में भी उन्होंने हिस्सा लिया था।

श्री गांधी ने लिखा, "मैं जानता हूं कि वह प्रतिबंधित क्षेत्र है, लेकिन मैं ऐसे नियमों को नहीं मानता। सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन वहीं होना चाहिए, जहां सरकार बैठी हो। लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में विश्वास रखने वाले सभी लोगों का स्वागत है। पुलिस की बर्बर कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। मैं कोई अनुमति नहीं मांग रहा हूं, क्योंकि सविनय अवज्ञा में अनुमति नहीं मांगी जाती।"श्री गांधी का यह फैसला मुंबई, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद आया है।

देश भर में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इससे पहले शनिवार को मुंबई पुलिस ने श्री गांधी को बांद्रा में उस समय हिरासत में ले लिया था, जब वह दिल्ली में प्रदर्शन का आयोजन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में ग्रांट रोड स्थित अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।

मुंबई पुलिस श्री गांधी को डीएन नगर पुलिस थाने ले गयी थी, जहां से शाम को उन्हें जाने की अनुमति दे दी गयी।

सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन की कोशिश करने वाले कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी अगस्त क्रांति मैदान और मुंबई के अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

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