मुंबई , मार्च 20 -- महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता के बावजूद राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है लेकिन एलपीजी की कमी के कारण राज्य भर में कई रेस्तरां पहले ही बंद हो चुके हैं और कई अन्य बंद होने की कगार पर हैं।

श्री सरनाईक ने शुक्रवार को राज्य की आवश्यक सेवाओं और ईंधन की उपलब्धता पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को लेकर पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) को अब तक कोई प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार महाराष्ट्र भर में प्रतिष्ठित 'लाल परी' बसों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय में है, जिससे दैनिक यात्रा सेवाओं में स्थिरता बनी हुई है। साथ ही, मंत्री ने ईंधन वितरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) ने राष्ट्रीय आवश्यकताओं को देखते हुए ईंधन आवंटन के लिए प्राथमिकता-आधारित प्रणाली अपनायी है। इस प्रणाली के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए रक्षा विभाग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है। इसके बाद देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे का स्थान है।

श्री सरनाईक ने उल्लेख किया कि इस आवंटन पदानुक्रम में राज्य परिवहन निगमों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक उपयोगिताओं को तीसरे स्थान पर रखा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कम से कम दो महीने तक परिचालन जारी रखने के लिए डीजल का भंडार पर्याप्त है, जिससे अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय स्थिति के बीच अस्थायी राहत मिली है।

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